सब्सक्राइब करें

व्हाट्सएप पर सत्याग्रह से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

या

ईमेल के जरिये हमसे जुड़ें

* संभव हो तो हिंदी में लिखें
  • हम अंतिम दिनों वाले गांधी को याद करने से क्यों डरते हैं?

    समाज | महात्मा गांधी

    हम अंतिम दिनों वाले गांधी को याद करने से क्यों डरते हैं?

    अपूर्वानंद | 05 जुलाई 2022

    आज हिंसा लगभग एक वैध और लोकप्रिय विधा बन गयी है जिसका मुक़ाबला केवल साहित्य कर सकता है

    समाज | कभी-कभार

    आज हिंसा लगभग एक वैध और लोकप्रिय विधा बन गयी है जिसका मुक़ाबला केवल साहित्य कर सकता है

    अशोक वाजपेयी | 26 जून 2022

    माइकल जैक्सन

    समाज | पुण्यतिथि

    गुलजार को ही नहीं, माइकल जैक्सन को भी चांद बेहद पसंद था!

    शुभम उपाध्याय | 25 जून 2022

    आज 48 साल की हो रहीं करिश्मा कपूर की पहली फिल्म ‘प्रेम कैदी’ देखना कैसा अनुभव है

    समाज | पहली फिल्म

    आज 48 साल की हो रहीं करिश्मा कपूर की पहली फिल्म ‘प्रेम कैदी’ देखना कैसा अनुभव है

    अंजलि मिश्रा | 25 जून 2022

  • शिखर से लेकर सबसे निचले स्तर तक अब हर राजनेता साहित्यकार और कलाकार है

    समाज | कभी-कभार

    शिखर से लेकर सबसे निचले स्तर तक अब हर राजनेता साहित्यकार और कलाकार है

    अशोक वाजपेयी | 19 जून 2022

    साहित्य कभी-कभार राजनैतिक भी हो सकता है पर वह हमेशा नैतिक रहता है

    समाज | कभी-कभार

    साहित्य कभी-कभार राजनैतिक भी हो सकता है पर वह हमेशा नैतिक रहता है

    अशोक वाजपेयी | 12 जून 2022

    क्या इस दौर की अकारण, अमानवीय, अभद्र और गैरकानूनी हिंसा का स्रोत कहीं हमारे साहित्य में है?

    समाज | कभी-कभार

    क्या इस दौर की अकारण, अमानवीय, अभद्र और गैरकानूनी हिंसा का स्रोत कहीं हमारे साहित्य में है?

    अशोक वाजपेयी | 05 जून 2022

    इतिहास के अपने मिथक होते हैं और मिथकों का भी इतिहास होता है

    समाज | कभी-कभार

    इतिहास के अपने मिथक होते हैं और मिथकों का भी इतिहास होता है

    अशोक वाजपेयी | 29 मई 2022